<?xml version="1.0" encoding="utf-8" ?>
<rss version="2.0" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" >
<channel>
<title>انجمن علمی گروه مهندسی آب</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/</link>
<description></description>
<language>fa</language>
<generator>blogfa.com</generator>
<lastBuildDate>Sat, 07 Nov 2009 17:03:18 GMT</lastBuildDate>
<item>
<title>سد گاوشان</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-117.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;بزرگترین تونل انتقال آب کشور « گاوشان» واقع در استان کردستان، 45 کیلومتری جنوب شهرستان سنندجاست. هدف از اجرای این پروژه تامین آب شرب دراز مدت شهرهای کرمانشاه و کامیاران و تامین آب زراعی دشت های بیلوار، میان‌دربند وکامیاران می باشد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://ehsan619.persiangig.com/13880430_jomhori_islami_05_shahrestan_20_1.jpg&quot; align=baseline border=0&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اهداف طرح&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;انتقال آب از حوضه سیروان به حوضه کرخه جهت تامین آب شرب بلند مدت شهر کرمانشاه به‌میزان 68 میلیون مترمکعب در سال و تامین آب اراضی بیلوار، کامیاران و میاندربند به‌میزان 30000 هکتار.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt; مشخصات فنی&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;طول تونل: 20139 متر &lt;BR&gt;قطر تونل: حفاری 5/5 متر و نهایی 3/4  متر&lt;BR&gt;مقطع: دایره‌ای &lt;BR&gt;ظرفیت: 30 مترمکعب بر ثانیه&lt;BR&gt;میزان آب قابل انتقال سالانه: 248 میلیون مترمکعب&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;روش حفاری: انفجاری، ردهدر(Road Header) و تی‌بی‌ام(TBM)&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt; &lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sat, 07 Nov 2009 17:03:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=117</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-117.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>تغذیه مصنوعی</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-116.aspx</link>
<description>&lt;DIV&gt;
&lt;TABLE cellSpacing=0 cellPadding=0 vspace=&quot;0&quot; hspace=&quot;0&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;با توجه به معضل کمبود آب و همچنین افزایش تقاضا برای آب به واسطه ی ازدیاد جمعیت , در اکثر کشورهای دنیا به خصوص کشورهای جهان سوم و از ج&lt;/B&gt;&lt;B&gt;مل&lt;/B&gt;&lt;B&gt;ه کشور ما جبران کمبود آب از مهمترین برنامه های دولت می باشد . یکی از ساده ترین و موثر ترین روش ها برای افزایش منابع آب و رفع مشکل کم آبی استفاده از طرح های تغذیه ی مصنوعی در نقاط مختلف, به خصوص در مناطق گرم و نیمه خشک می باشد.&lt;/B&gt;&lt;B&gt;&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;تعریف و ریشه لغوی&lt;/B&gt;&lt;B&gt;: &lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;وارد کردن آب به داخل یک سازند زمین شناسی را بوسیله&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;متدها و تاسیسات مختلف ، تغذیه مصنوعی گویند ومعادل لاتین آن&lt;/B&gt;&lt;B&gt; Artificial Recharge &lt;/B&gt;&lt;B&gt;می باشد&lt;/B&gt;&lt;B&gt;. &lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;به علت وجود پارامترهاي متعدد مؤثر در مكان يابي و نياز به بررسي توام معيارهاي ارزيابي شده و تغييرات مداوم آنها، سامانه اطلاعات جغرافيايي ابزاري كارآبراي مديريت و به كارگيري داده هاي مكاني در اين زمينه است. بررسي ارتباط بين واحدهاي ژئومرفولوژي و مناطق مناسب براي تغذيه مصنوعي نشان&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;مي دهد كه مناطق مناسب براي تغذيه مصنوعي بيشتر در واحدهاي مخروط افكنه ها و دشت سر قرار دارند.&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; color=#333333 size=1&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; color=#333333 size=1&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://ehsan619.persiangig.com/wsci_01_img0033.jpg&quot; align=baseline border=0&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; color=#333333 size=1&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;براي ارزيابي اثر كمي تغذيه مصنوعي بر سطح آبهاي زيرزميني چند برنامه رايانه‌اي تهيه گرديده است . براساس روشهاي تحليلي همچون &lt;/B&gt;&lt;B&gt;Bouwer- (1978)، براي حوضچه‌هاي مستطيل شكل، Glover (1960) و Hantush (1967) براي حوضچه‌هاي مدور و مستطيل شكل، Baumann (1985) براي حوضچه‌هاي مدور و Marino (1967) و Rai-&amp; Singh (1992) براي نهرهاي طويل، شبيه‌هاي رايانه‌اي تهيه شده است . با ارزيابي روشهاي فوق ملاحظه شد&lt;/B&gt;&lt;B&gt;ه&lt;/B&gt;&lt;B&gt; كه روشهاي &lt;/B&gt;&lt;B&gt;Hantush و Baumann براي حوضچه‌هاي مدور و روش Bouwer براي حوضچه مستطيلي از كارآيي مناسبي برخوردار نبوده، و داراي محدوديتهاي مي‌باشند. &lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;شرایط کلی استفاده از تغذیه مصنوعی&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;:&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; color=#333333 size=1&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV&gt;
&lt;TABLE cellSpacing=0 cellPadding=0 vspace=&quot;0&quot; hspace=&quot;0&quot;&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;بر حسب نوع نیازها ، ویژگیهای جغرافیایی و نحوه&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;استقرار تاسیسات تغذیه و نوع آن طرحهای تغذیه مصنوعی و طرز کار آنها ، بی اندازه&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;متغیر است&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;. &lt;BR&gt;&lt;/B&gt;&lt;B&gt;با توجه به اینکه هر سیستم و طرح تغذیه مصنوعی از یک سیستم آبدار ،&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;یک منبع تغذیه و بالاخره تاسیسات مربوطه تشکیل می شود. به خوبی می توان حدس زد که&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;ابعاد این طرحها تا چه اندازه می توانند متغیر باشند که این تغییرات می توانند هم&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;از نظر زمانی و هم از نظر مکانی قابل اندازه گیری باشند&lt;/B&gt;&lt;B&gt;. &lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;شرایط هیدرولوژیکی منبع تغذیه&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;:&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;رژیم آبهای سطحی موجود در منطقه و اختلاف&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;بین رژیم منبع تغذیه و رژیم مورد تقاضا ، عامل مهمی است که باید در رابطه با ظرفیت&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;تنظیم کنندگی مخزن طبیعی و شرایط انتقال آب بین نقاط تغذیه و برداشت در نظر گرفت&lt;/B&gt;&lt;B&gt;. &lt;/B&gt;&lt;B&gt;&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;تیرگی آب&lt;/B&gt;&lt;B&gt;: &lt;/B&gt;&lt;B&gt;پیش از در نظر گرفتن موارد ذکر شده، باید توجه داشت که آب&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;حاوی مقدار بسیار کمی از مواد معلق می باشد و این در موقعی است که بخواهیم از آب&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;بدون پالایش قبلی استفاده کنیم&lt;/B&gt;&lt;B&gt;. &lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;شرایط هیدروژئولوژیکی&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;مخزن آب&lt;/B&gt;&lt;B&gt; &lt;/B&gt;&lt;B&gt;:&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;STRONG&gt;وضع سفره ، از نظر آزادبودن یا تحت فشار بودن که از طریق ضریب ذخیره و یا پرشدگی در حجم آب قابل تحرک و نیز در نوع تاسیسات تغذیه تاثیر خواهد گذاشت. ضخامت بخش غیر اشباع قبل از ذخیره سازی در مورد&lt;/STRONG&gt; سفره های آزادمیزان بهره برداری از سفره بستگی دارد. &lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;B&gt;انجام تغذيه به دو روش نفوذ آب به داخل زمين از طريق سطح آن، و تزريق آب به داخل سفره امكان‌پذير است . در روشهاي گسترش سيلاب گورابها، استخرها و نهرهاي تغذيه، آب تحت فشار ناشي از بار خود، به داخل سفره نفوذ مي‌كند. در روش ديگر، آب از طريق چاه و به وسيله تلمبه به درون سفره تزريق مي‌گردد. &lt;/B&gt;&lt;B&gt;&lt;/B&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;&lt;B&gt;&lt;FONT color=#333333&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;.مشکل عمده و اساسی اکثر طرح های تغذیه ی مصنوعی گرفتگی بسترهای تغذیه مصنوعی به واسطه ی ورورد آب گل آلود به درون آنها می باشد رسوبات ته نشین شده روی لایه ی سطحی بستر قرار گرفته و با حرکت ذرات ریز به درون منافذ خاک باعث مسدود شدگی آن میگردد. این رسوبات باعث کاهش نفوذ آب از بسترهای تغذیه شده و عملا بعد از چند آبگیری , بسترها آن بازدهی را که از قبل دارا بودند نخواهند داشت و درنهایت باعث کاهش عمر مفید جریان تغذیه خواهند شد. انسداد بستر تغذیه به عوامل مختلفی چون غلظت رسوب , نسبت توزیع اندازه ی ذرات در آب به توزیع منافذ متوسط , سرعت نفوذ اولیه , سرعت ته نشینی ذرات, دانه بندی ذرات, بافت و ساختمان خاک, ویژگی های فیزیکی ذرات معلق و عوامل بیولوژیک و شیمیایی آب تغذیه بستگی دارد. با ته نشست ذرات معلق , لایه ی محدود کننده ای در بستر تشکیل یافته که دارای نفوذ پذیری کم می باشد . با افزایش غلظت رسوبات معلق, به خصوص افزایش مقدار رس , مقاومت این لایه در مقابل جریان آب افزایش می یابد. تکنیک های مدیریت بستر که باعث کاهش تاثیر مسدودشدگی می گردد بیشمار است. این روش ها شامل پیش پالایی اولیه ی رسوبات, لایروبی مواد رسوبی تهنشین شده در بستر, شخم زدن , موج دار کردنو خراش دادن بستر , خشک نگهداشتن متناوب استخر های نفوذ و استفاده از مواد آلی در کف تاسیسات تغذیه می باشد. &lt;BR&gt;مسدود شدگی در عمق های زیر بستر با اهمیت بوده و در زمان های طولانی بر نفوذ پذیری و عمر طرح موثر می باشد. اگر مسدود شدگی در نزدیکی بستر اتفاق بیفتد رفع مواد رسوبی در چند سانتی متری سطح خاک بسترها به راحتی جبران پذیر است . لذا برای حفظ ذرات در بالای بستر نفوذی, استفاده از مواد مالچی می تواند گزینه ی خوبی باشد.&lt;BR&gt;بنا بر پژوهش های انجام شده غلظت رسوب مواد معلق موجود در آب عامل اصلی بروز پدیده ی مسدودشدگی محسوب شده و این عامل اثر زیان بار خود را از طریق ایجاد یک لایه ی ضخیم و کم نفوذ در سطح خاک و همچنین از طریق پر کردن خلل و فرج خاک ایجاد می نماید&lt;/FONT&gt; .&lt;/FONT&gt; &lt;/B&gt;</description>
<pubDate>Sun, 01 Nov 2009 16:41:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=116</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-116.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>آب سخت</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-115.aspx</link>
<description>&lt;STRONG&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT size=3&gt;سختی آب :&lt;/FONT&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آب طبیعی به علت خاصیت حل کنندگی خوبی که دارد معمولا دارای حجم بالایی از نمکهای محلول در آب می‌شود. CO2 هوا به خاطر انحلال در آب و تولید اسید کربنیک ضعیف ، خاصیت خورندگی آب را بهبود می‌بخشد. بنابراین آب هنگام عبور از محیط‌های گوناگون مخصوصا محیط‌های آهکی مقداری از کربناتها را در خود حل می‌کند که این کربناتها همراه یونهایی مثل کلسیم ، منیزیم و … باعث ایجاد سختی موقت می‌شود که با جوشاندن از بین می‌رود. البته یونهای منیزیم و کلسیم و سایر یونهای فلزی با سولفات و نیترات و کلرو ایجاد سختی دائم می‌کنند. سختی آب باعث رسوب کردن صابون در آب می‌شود (خاصیت کف کنندگی صابون را از بین می‌برد). اثرات زيانبخش ناخالصيهاي آب در صنعت آب در شیمی یکی از مهمترین حلالها می‌باشد و معمولا از آن به عنوان حلال عمومی نام می‌برند و بنابراین کاربرد اساسی در صنعت دارد که برخی از کاربردهای مهم به این شرح می‌باشد:۱- به عنوان حلال ۲- به عنوان ماده اولیه برای شرکت در واکنشهای شیمیایی تهیه محصول ۳- به عنوان ماده واسطه برای خارج کردن مواد ناخواسته ۴- به عنوان بستر یا محیط واکنش &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;وجود ناخالصیها در آب باعث ایجاد رسوب در دستگاههای حرارتی و دیگ بخار می‌شود که این عمل باعث کاهش عمر مفید دستگاه می‌گردد. بخاری که از آبهای ناخالص تولید می‌شود دارای کیفیت بسیار پایینی می‌باشد به عنوان مثال سیلیس همراه بخار خارج شده و در اثر سرد شدن روی پره‌های توربین رسوب می‌کند. خوردگی بویلرها و تأسیسات حرارتی و لوله‌ها ، اتلاف مواد شیمیایی و باقی گذاشتن لکه روی محصولات غذایی و نساجی از عوارض دیگر آبهای ناخالص می‌باشد.&lt;BR&gt;بهترین آب برای استفاده در صنعت آب بدون یون است اما هزینه تولید آب بدون یون بسیار بالاست. بنابراین در اکثر آزمایشگاهها و واحدهای صنعتی از آب مقطر استفاده می‌کنند همچنین در مناطق کویری و خشک که منابع آب آشامیدنی محدود می‌باشد. از روش تقطیر آب دریا برای تولید آب آشامیدنی استفاده می‌شود.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://ehsan619.persiangig.com/180px-Hard_water_and_drop.jpg&quot; align=baseline border=0&gt; &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;</description>
<pubDate>Fri, 23 Oct 2009 16:20:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=115</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-115.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>خشکسالی را بهتر بشناسیم</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-113.aspx</link>
<description>&lt;FONT size=1&gt;
&lt;TABLE id=NewsContent cellSpacing=2 cellPadding=2 width=&quot;100%&quot; border=0&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD colSpan=5&gt;&lt;SPAN class=NewsTitle id=ctl00_MainContentPlaceHolder_PageNewsItem_ctl00_Title&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اوج خشکسالی با اتمام ذخیره رطوبت خاک آغاز می شود&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD colSpan=5&gt;&lt;SPAN class=NewsLead id=ctl00_MainContentPlaceHolder_PageNewsItem_ctl00_Lead&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;تهران- خبرگزاری ایسکانیوز:پدیده کم آبی برای آنکه خشکسالی نامیده شود باید دارای یکسری ویژگی های فضایی و زمانی خاص از جمله شدت، فراوانی، وسعت و ... باشد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;*آغاز و خاتمه خشکسالی&lt;BR&gt;به طور کلی می توان گفت که تشخیص زمان آغاز و خاتمه خشکسالی بسیار مشکل بوده و اصولا زمان آغاز خشکسالی به تعریف مورد استفاده وابسته است. کاملا واضح است که این زمان با توقف آخرین بارش مفید آغاز نمی شود بلکه تا هنگامی که ذخیره رطوبت خاک تمام شود به طول خواهد انجامید.&lt;BR&gt;بنابراین در حالت کلی زمان آغاز خشکسالی، زمانی است که ذخیره رطوبتی چه در محیط خاک (خشکسالی کشاورزی) و چه در مخازن آبی (خشکسالی هیدرولوژیک) خاتمه یافته باشد. انتهای خشکسالی نیز نسبت به زمان آغاز این پدیده محسوس تر است.&lt;BR&gt;در امر کشاوری پایان خشکسالی زمانی است که نزول باران رطوبت مورد نیاز خاک را تامین کند. در هیدرولوژی، زمانی که جریان رودخانه مجددا برقرار شده و مخازن زیرزمینی تغذیه مجدد شوند، زمان پایان خشکسالی در نظر گرفته می شود.&lt;BR&gt;زمان آغاز تا پایان خشکسالی که به عنوان دوره تداوم خشکسالی مورد نظر قرار می گیرد، یکی از ویژگی های اساسی خشکسالی محسوب می شود که می تواند از روز، ماه و تا سال متفاوت باشد.&lt;BR&gt;*شدت خشکسالی&lt;BR&gt;اگر میزان کمبود بارندگی نسبت به شرایط میانگین کمتر باشد به همان اندازه میزان تاثیر خشکسالی بیشتر نمود عینی پیدا خواهد کرد همچنین میزان استمرار خشکسالی در یک منطقه گویای شدت خشکسالی در آن منطقه خواهد بود.&lt;BR&gt;می توان گفت که میزان کاستی و زمان استمرار این پدیده بیانگر شدت خشکسالی است.&lt;BR&gt;*فراوانی خشکسالی &lt;BR&gt;یکی از مهمترین ویژگی های مورد بررسی خشکسالی که در یک منطقه به وقوع پیوسته است، فراوانی خشکسالی است که در مقیاس های مختلف زمانی مانند مقیاس سالانه، ماهانه، فصلی و ... محاسبه می شود.&lt;BR&gt;برسی توزیع فراوانی ها در شدت های مختلف می تواند در ارزیابی قابلیت منطقه مورد مطالعه نسبت به شدت های مختلف خشکسالی کاربرد داشته باشد که از طریق توابع توزیع احتمال فراوانی، بررسی احتمال و دوره های بازگشت خشکسالی در سال های آتی صورت می گیرد.&lt;BR&gt;*وسعت منطقه ای خشکسالی &lt;BR&gt;پدیده خشکسالی می تواند در منطقه ای با وسعت چند صد کیلومتر اتفاق افتد اما امکان دارد شدت و دوره تداوم آن در سراسر منطقه یکسان نباشد.&lt;BR&gt;یکی از انواع خشکسالی، خشکسالی قاره ای است که در مناطق خشک و در ناحیه وسیع رخ می دهد و صدها و شاید هم هزاران کیلومتر مربع را می پوشاند.&lt;BR&gt;*دوره تناوبی رخداد خشکسالی&lt;BR&gt;در رابطه با تناوب خشکسالی، برخی از محققان تناوب 11 ساله، 22 ساله اشاره کردند که بر اساس کلفهای خورشیدی تهیه شده است. (کلفهای خورشید عبارت از لکه هایی هستند که به دلیل اختلاف درجه حرارت در سطح خورشید به صورت لکه های سیاهی به نظر می رسند) مشاهده شده است که به هنگام کاهش تعداد کلف های خورشیدی، خشکسالی های شدید اتفاق افتاده است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Mon, 12 Oct 2009 11:47:41 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=113</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-113.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>مبانی هیدرولیک</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-112.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;هيدروليك مطالعه سيالات و كاربرد آن براي انتقال نيرو و حركت است. كلمه هيدورليك از لغت يوناني هيدرو به معني آب گرفته شده است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;سيستم‌هاي آب رساني خانگي يك كاربرد متداول از هيدروليك مي باشد و اصول حاكم بر رفتار آب در مورد تمام سيالات صادق است. درگير بكس‌هاي اتوماتيك مدرن يك سيستم هيدروليك براي كنترل عملكرد آنها به كار رفته است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;در حالي كه تمام سيستم‌هاي هيدروليكي از مايعات استفاده مي‌كنند مايعي كه درگير بكس‌هاي اتوماتيك به كار مي رود عموماً روغن گيربكس ناميده مي شود. &lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma color=#006633 size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اصول هيدروليك&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;سيستم‌هاي هيدروليك نيرو و حركت را از طريق كاربرد فشار انتقال مي دهند نيرو، فشار و يا كشش اعمال شده بر يك شيئي است. نيرو معمولاً بر حسب پاوند و يا نيوتن اندازه‌گيري مي شود. فشار نيروي اعمال شده بر سطح معين است. فشار معمولاً بر حسب واحد نيرو تقسيم بر واحد سطح اندازه گيري مي شود و واحدهاي آن پاوند بر اينچ مربع (Psi) يا كيلوپاسكال (kpa ) اندازه گيري مي شود. ( 6.89 pa= 1psi) مي باشد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;پاسكال يك واحد اندازه گيري است كه بعد از « بلز پاسكال » رياضيدان و دانشمند مشهور فرانسوي (1623-1662 ) به خاطر تحقيقاتش در هيدروليك به نام او نامگذاري شد. پاسكال بعضي از حقايق مهم دربارة رفتار مايعات در يك سيستم بسته را كشف كرد. او دريافت كه فشار روي يك مايع محبوس شده بطور مساوي بر تمام جهات منتقل مي شود و بر سطوح برابر نيروي مساوي وارد مي كند.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اين اصل قانون پاسكال ناميده مي شود و چنانچه بعداً خواهيم ديد يك اصل بنيادي است كه بر عملكرد تمام سيستم‌هاي هيدروليك حكمفرماست. سيستم‌هاي هيدروليك قادرند مايعات را براي انتقال نيرو و حركت بكار گيرند زيرا در تمام كاربردهاي عملي يك مايع غير قابل تراكم است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اينكه چه مقدار فشار بر روي يك مايع اعمال مي شود اهميتي ندارد، چون حجمش همواره ثابت مي ماند. اين امر به سيال اجازه مي دهد كه نيرو و حركت بكار گيرند زيرا در تمام كاربردهاي عملي يك مايع غيرقابل تراكم است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=right&gt;&lt;FONT face=Tahoma size=1&gt;&lt;STRONG&gt;اينكه چه مقدار فشار بر روي يك مايع اعمال مي شود اهميتي ندارد، چون حجمش همواره ثابت مي ماند. اين امر به سيال اجازه مي دهد كه نيرو و حركت را به خوبي يك اهرم مكانيكي منتقل كند. مزيت يك مايع بر اهرم مكانيكي اين است كه داراي حجم است امّا شكل ثابتي ندارد. چون فرض بر اين است كه مايع به شكل ظرف خود در مي‌‌آيد مي توان آن را براي رفع موانع به هر شكلي خم كرد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 29 Sep 2009 11:49:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=112</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-112.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>پدیده آب و هوایی ال نینو دوباره جهان را در می نوردد</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-111.aspx</link>
<description>&lt;STRONG&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;به گزارش &lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;سازمان جهاني آب و هوا گستره تاثير چشمگير پديده آب و هوايي موسوم به ال نينو در اقيانوس آرام، ازجنوب آسيا تا شرق آفريقا و همچنين کارائيب کشيده شده است. این احتمال وجود دارد که دست کم در شش ماه آینده الگو های غیر عادی آب و هوا در نقاط مختلف جهان مشاهده شود. &lt;BR&gt;يک نظام آب و هوايي ضعيف تا متوسط ال نينو در بخش حاره اي اقيانوس آرام ايجاد شده که انتظار مي رود تا ماهها الگوهاي غيرعادي آب و هوا در پي داشته باشد.&lt;BR&gt;با اين که دماي آب اقيانوس آرام نسبت به آنچه معمول اين آبهاست، کمتر از يک درجه سانتيگراد افزايش داشته، اما به نظر مي رسد که همين ميزان افزايش براي ايجاد خشکسالي در بخش هايي از جنوب آسيا و شرق آفريقا کافي بوده است.&lt;BR&gt;اين ميزان افزايش دماي آب اقيانوس آرام در بخش حاره اي آن، همچنين باعث کاهش شمار توفان هاي دريايي در اقيانوس اطلس شده است. &lt;BR&gt;با اين که اين وضعيت جدي است، سخنگوي سازمان جهاني آب و هوا گفت: در مقايسه با تاثيرات ال نينو در سال 1997،بسيار محدود است. &lt;BR&gt;در اثر ال نينوي آن سال صدها نفر کشته شدند و بخش قابل توجهي از محصولات کشاورزي در سراسر جهان به مرحله برداشت نرسيد. &lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=4&gt;ال نینو...&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt; &lt;/P&gt;
&lt;P&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 02 Sep 2009 16:21:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=111</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-111.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>ساخت شیر کنترل کننده مقدار آب مصرفی در بتن ها</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-107.aspx</link>
<description>&lt;STRONG&gt; &lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=1&gt;سيد هومن اشرف طالش، مخترع ايراني موفق به ساخت شیر کنترل کننده مقدار آب مصرفی در بتن ها شد.&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT size=1&gt;تنظيم مقدار آب مصرفي به كار رفته در بتن‌ها، مقاومت آنها را در سطح كارگاهي بالا مي‌برد. &lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;B&gt;&lt;BR&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;از آنجايي كه ميزان آب مصرفي در سازه‌هاي بتني رابطه مستقيمي با مقاومت اين سازه‌ها دارد، اين شير كنترل‌كننده كه روي شيلنگ نصب مي‌شود تا اين مقاومت را در اين سازه‌ها ايجاد كنيم. &lt;/STRONG&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;اين شير در ابعاد مختلف طراحي شده و يك دستگاه كاملا ساده است كه هر كارگر معمولي قادر است از آن استفاده كند. اين شير كاملا مكانيكي، مي‌تواند مقدار آب مصرفي به صورت اتوماتيك از خود عبور دهد. در اين شير هيچ قطعه برقي به‌كار نرفته است و تنها با چرخ‌دنده‌اي كه دارد عمل مي‌كند. &lt;/STRONG&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;اين شير كنترل‌كننده بسيار ارزان قيمت بوده و تنها با قيمت 3 هزار تومان مي‌توان آن را تهيه كرد. با تشخيص مقدار آب ورودي براي تهيه سازه‌هاي بتني مي‌‌توان بتن‌هايي با مقاومت بسيار بالا تهيه كرد.اين شير كنترل‌كننده هنوز در مرحله آزمايشگاهي است و به توليد انبوه نرسيده است&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/B&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Thu, 27 Aug 2009 16:35:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=107</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-107.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>ماه رمضان بر همه ی مسلمانان مبارک</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-110.aspx</link>
<description>&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;&lt;STRONG&gt;روزه داران  برای تامین آب لازم بدن یک ساعت بعد از افطار آب فراوان بنوشند . با توجه به این که ساعت روزه در ماه رمضان سال جاری حدود 16 الی 17 ساعت طول می کشدمهم ترین اصل در این زمان حفظ آب بدن روزه داران است .&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt; 
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;STRONG&gt;&lt;FONT face=&quot;Times New Roman&quot; size=3&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;  &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;           &lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://ehsan619.persiangig.com/ramadan2.JPG&quot; align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT face=&quot;times new roman, times, serif&quot; size=3&gt;&lt;STRONG&gt; &lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;حدود یک ساعت بعد از افطار و نیم ساعت قبل از سحر آب فراوانی بنوشید.&lt;/FONT&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;&lt;STRONG&gt;از خوردن چاي پُررنگ ، قهوه و کاکائو خودداري کنید.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot; size=1&gt;&lt;STRONG&gt;خوردن مواد غذايي پر فيبر از جمله سبزيجات و ميوه ها هنگام سحر باعث مي شود روزه داران در طول روز کمتر احساس تشنگي کنید. با توجه به اينکه ساعات روزه داري ماه رمضان امسال در مقايسه با سالهاي گذشته بيشتر است ممکن است افراد تصورکنندخوردن آب زياد در سحري موجب جلوگيري از تشنگي آن در طول روز شود، اما اين تصور اشتباه است،اين عمل باعث رقيق شدن شيره معده و در نتيجه نفخ و اختلال در هضم مي شود توصيه می شود:روزه داران ميوه و سبزيجات به دليل داشتن املاح وفيبر زياد در هنگام سحر مصرف کنند تا تشنگي بر آنان غلبه نکند&lt;BR&gt;همچنين مصرف ميوه ها و سبزيجات باعث جلوگيري از افزايش ناگهاني قند خون و ترشح انسولين بالاى بعد از آن مي شود و قند موجود در ميوه ها در بدن ديرتر از قندهاي ساده جذب مي شود و فرد ديرتر احساس گرسنگي خواهد کرد.&lt;BR&gt;روزه داران سعي کنند مواد غذايى سرخ شده ، پرچرب و شيرين و ادويه جات در سحري مصرف نکنند چون تشنگي را در طول روز را افزايش مي دهد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sun, 23 Aug 2009 12:03:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=110</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-110.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>برخی باکترب های مولد بیماری عفونی تا یک ماه در آب آشامیدنی زنده می مانند</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-109.aspx</link>
<description>&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;برخي از باكتري هاي مولد بيماري هاي عفوني،مانند شيگلوز تا يك ماه در آب هاي آشاميدني و تا 15 روز در آب دريا زنده مي مانند و قابليت رشد و تكثير بالايي دارند.&lt;/STRONG&gt;&lt;STRONG&gt;باكتري شيگلوز كه از باكتري هاي فعال در فصل تابستان است،بدون تاژك و بي حركت، بدون كپسول و اسپورو ميله اي شكل بوده و هر چهار گونه شناخته شده اين باكتري نقش مهمي در بروز بيماري هاي عفوني در فصل گرما دارد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt; 
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://ehsan619.persiangig.com/070523132656%5B1%5D.jpg&quot; align=baseline border=0&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT face=&quot;Tahoma, Arial, Helvetica, sans-serif&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;شيگلوز در آب هاي قابل آشاميدني تا يكماه و در آب دريا تا 15 روز زنده مي ماند و قابليت رشد و تكثير دارد، تصريح كرد: مهمترين علائم آلودگي به شيگلوز شامل اسهال همراه بلغم و خون است.&lt;/STRONG&gt;&lt;STRONG&gt;مهمترين روش هاي كنترل و جلوگيري از آلودگي به باكتري شيگلوز و عوارض ناشي از آن شامل آموزش بهداشت فردي، كنترل افرادي كه با مواد غذايي سر و كار دارند، كنترل حشرات نظير مگس، رعايت بهداشت مواد غذايي بويژه مواد لبني و رعايت فاصله در چاه هاي توالت با مخازن و چاه هاي آب و همچنين كلرزني آب مصرفي و كنترل مخازن نگهداري است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sat, 15 Aug 2009 17:34:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=109</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-109.aspx</guid>
</item>
<item>
<title>ایا میدانید ؟؟؟</title>
<link>http://baran-westa.blogfa.com/post-106.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;                                                             &lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://luckylook88.files.wordpress.com/2008/11/924ca94e3910b75f53fc93c808f6ea0d.jpg?w=204&amp;h=300&quot; align=baseline border=0&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;آ&lt;STRONG&gt;یا می‌دانید : نخستین مردمانی که سامانه‌ی اگو یا فاضلاب را برای تخلیه‌ی آب شهری به بیرون از شهر اختراع کرد، ایرانیان بودند؛&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;FONT face=tahoma,arial,helvetica,sans-serif size=1&gt;&lt;STRONG&gt; &lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آیا می‌دانید سختی آب مشابه سختی بتن است. &lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد اگر تمام يخ‌هاي قطبي ذوب شوند آب درياها 14 متر بالا مي‌آيد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد به ازاي هر 1 درصد افزايش نمك محلول در آب 1 درصد از شدت تبخير كاسته مي‌شود.&lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد زمان لازم براي اين كه آب اقيانوس‌ها 1 دور در چرخه هيدرولوژيكي بچرخد 3000 سال است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;FONT size=1&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد اين زمان براي يخ‌هاي قطبي 8000 سال و براي آب‌هاي زيرزميني 5000 سال است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد فقط از درصد از آب‌هاي زمين قابل استفاده براي آشاميدن است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آیا می‌دانید 20 درصد آب شیرین جهان میان آمریكا و كانادا قرار دارد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد درياي مديترانه بين 3 قاره اروپا، آسيا و آفريقا قرار دارد.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد دو سوم وزن بدن از آب تشكيل شده كه 92 درصد خون 75 درصد مغز 75 عضلات از آب تشكيل شده‌اند.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;FONT size=1&gt;&lt;STRONG&gt;آيا مي‌دانيد تبخير از سطح خاك عمده‌ترين منبع هدر رفت آب به صورت تبخير در ايران است.&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;SPAN lang=FA style=&quot;FONT-SIZE: 8pt; LINE-HEIGHT: 115%; FONT-FAMILY: &apos;Tahoma&apos;,&apos;sans-serif&apos;&quot;&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt;&lt;/SPAN&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 12 Aug 2009 20:34:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=baran-westa&amp;postid=106</comments>
<dc:creator>baran-westa</dc:creator>
<guid>http://baran-westa.blogfa.com/post-106.aspx</guid>
</item>
</channel>
</rss>
